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डिजिटल तकनीक से आतंकियों की रणनीति हुई जटिल : दाते

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केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस ने आतंकवाद से निपटने पर किया मंथन

चंडीगढ़, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । आतंकी खतरों से निपटने को संयुक्त रणनीति बनाने के लिए शुक्रवार को पंचकूला में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) तथा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं केंद्र शासित प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में उत्तर भारत में उभरते आतंकवादी खतरों और संगठित अपराध की बदलती चुनौतियों से निपटने तथा आपसी तालमेल को बढ़ाने पर कई घंटे मंथन किया गया।

एनआईए के महानिदेशक सदानंद दाते ने बैठक में कहा कि आतंकवाद का बुनियादी ढांचा निरंतर बदल रहा है। डिजिटल माध्यमों और नई तकनीकों के प्रयोग से आतंकियों की रणनीति भी पहले से कहीं अधिक जटिल हो गई है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को अपनी कार्यप्रणाली को समयानुसार अपग्रेड करना होगा। उन्होंने बल दिया कि गोल्डन आवर के दौरान सभी एजेंसियों को पता होना चाहिए कि कब, क्या और कैसे कार्रवाई करनी है। दाते ने कहा कि संयुक्त अभ्यास और आपसी तालमेल ही आतंकवाद से लडऩे का सबसे प्रभावी हथियार है।

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बैठक में बताया कि प्रदेश में 53 स्पेशल वेपन्स एंड टैक्टिक्स टीमें तैनात हैं, जो किसी भी हिंसक या उग्र स्थिति में फस्र्ट रिस्पॉन्डर के रूप में कार्य करती हैं। पुलिस कर्मियों को उन्नत शस्त्र संचालन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मीडिया में अपराधियों के नाम और तस्वीरों के प्रचार से उनकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है और इससे युवाओं की सोच प्रभावित होती है। इस समस्या से निपटने के लिए हरियाणा विधानसभा ने प्रस्ताव पारित किया है। हरियाणा के डीजीपी ने पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशकों से भी आग्रह किया कि वह भी इस तरह की कार्रवाई करें।

एनएसजी के महानिदेशक बी श्रीनिवासन ने संयुक्त आतंकवाद विरोधी प्रतिक्रिया विषय पर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन देते हुए कहा कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ में अलग-अलग स्तर पर प्रशिक्षण सत्र एवं अभ्यास आयोजित किए गए हैं। अब तक हरियाणा में 609 कर्मियों, हिमाचल प्रदेश में 560 कर्मियों और चंडीगढ़ में 261 कर्मियों को बम निरोधक तकनीक, टैक्टिकल ड्राइविंग, कस्टमाइज्ड काउंटर टेरर कैप्सूल, फस्र्ट रिस्पॉन्डर ट्रेनिंग और राष्ट्रीय स्तर के संयुक्त अभ्यासों में प्रशिक्षित किया जा चुका है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव, चंडीगढ़ (यूटी) के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुडा और हिमाचल प्रदेश के एडीजीपी ज्ञानेश्वर सिंह ने भी अपने-अपने राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज साझा की।

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(Udaipur Kiran) शर्मा

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