Next Story
Newszop

मेरिकी टैरिफ का असर: भागलपुर का रेशमी कारोबार संकट में, करोड़ों रुपये का माल डंप

Send Push

जिले का रेशमी कारोबार एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय संकट की चपेट में आ गया है। अमेरिका सरकार द्वारा भारत से आयात किए जाने वाले कपड़ों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद स्थानीय निर्यातक और व्यवसायी मुश्किल में हैं। इससे शहर के रेशमी उद्योग को बड़ा आर्थिक झटका लगा है।

संकट का स्वरूप

सूत्रों के अनुसार, भागलपुर के निर्यातक इस निर्णय से बेहद चिंतित हैं। उनका कहना है कि तैयार माल जो कि पहले से ही अमेरिकी बाजार के लिए तैयार था, अब गोदामों में पड़ा है और इसका कोई तुरंत बाजार नहीं मिल रहा। स्थानीय उद्योगपतियों का अनुमान है कि इस वजह से करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है।

निर्यातकों की स्थिति

बड़े निर्यातकों ने भी हालात को देखते हुए अमेरिका से आए आर्डर उठाने से हाथ खींच लिया है। इससे व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई है। छोटे और मध्यम व्यवसायी भी इस वैश्विक टैरिफ नीति के असर से परेशान हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी बाजार पर निर्भरता अधिक होने के कारण संकट का असर सीधे उनके कारोबार और कर्मचारियों की नौकरी पर पड़ रहा है।

उद्योग संघ की प्रतिक्रिया

भागलपुर रेशमी उद्योग संघ ने भी इस फैसले की कड़ी निंदा की है। संघ के अध्यक्ष ने कहा कि यह निर्णय स्थानीय उद्योग के लिए गंभीर चुनौती है और सरकार से जल्द राहत की मांग की गई है। उन्होंने सुझाव दिया कि व्यापारियों को अमेरिकी बाजार की प्रतिस्पर्धा में बनाए रखने के लिए सहायक नीतियाँ अपनाई जाएँ।

संभावित समाधान और सरकार की भूमिका

विशेषज्ञों का कहना है कि निर्यातकों को संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक बाजारों की तलाश करनी होगी। वहीं, राज्य और केंद्र सरकार को भी उद्योग को राहत देने और नुकसान को कम करने के उपाय करने होंगे। इसमें टैक्स छूट, निर्यात सब्सिडी या अन्य आर्थिक प्रोत्साहन शामिल हो सकते हैं।

स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर

भागलपुर की अर्थव्यवस्था में रेशमी कारोबार का महत्वपूर्ण योगदान है। शहर में बड़ी संख्या में लोग इस उद्योग से जुड़े हैं। अमेरिकी टैरिफ और निर्यात में गिरावट का असर सीधे मजदूरों और छोटे व्यवसायियों पर पड़ेगा। अगर स्थिति इसी तरह बनी रही, तो रोजगार संकट और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

Loving Newspoint? Download the app now