उत्तराखंड के कई जगहों पर लगातार बारिश के बीच चमोली जिले में भूस्खलन की चपेट में आकर एक परिवार के दो सदस्य लापता हो गए जबकि रुद्रप्रयाग जिले की बसुकेदार तहसील में बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने से कई लोगों के लापता होने की आशंका है। वहीं भारी बारिश के बाद अलकनंदा का रौद्र रूप देखने को मिला है। श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच बद्रीनाथ हाईवे पर नदी का पानी आ गया है।
अधिकारियों ने बताया कि चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में कई स्थानों पर देर रात से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। उन्होंने बताया कि चमोली जिले की थराली तहसील के देवाल क्षेत्र के मोपाटा गांव में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में कुछ मकान आ गए। रुद्रप्रयाग जिले में बड़ेथ डुंगर क्षेत्र में बादल फटने से छेनागाड़ डुंगर गांव तथा जौला बड़ेथ गांवों में कुछ लोगों के लापता होने की सूचना है। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य किए जा रहे हैं।
#WATCH | Rudraprayag District Administration informed that due to the cloudburst incident in Badeth Dungar Tok area of Tehsil Basukedaar of Rudraprayag district, information has been received about damage in some areas due to debris. Relief and rescue operations are being… pic.twitter.com/CJ8nkprjJS
— ANI (@ANI) August 29, 2025
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष में सभी जिला स्तरीय अधिकारी एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाकर लगातार कार्य कर रहे हैं। एनएच, पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई की विभिन्न टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मार्ग खोलने का काम कर रही हैं। वैकल्पिक मार्गों की पहचान कर राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों तक भेजे जा रहे हैं। साथ ही संबंधित राजस्व निरीक्षक और अन्य कर्मचारियों के साथ कई जिला स्तरीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के लिए प्रभावित गांवों में भेजा गया है।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रीतिक जैन लगातार आपदा नियंत्रण कक्ष से अधिकारियों के संपर्क में हैं और प्रभावित क्षेत्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों को तैनात करने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष में सभी जिला स्तरीय अधिकारी एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाकर लगातार कार्य कर रहे हैं। एनएच, पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई की विभिन्न टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मार्ग खोलने का काम कर रही हैं। वैकल्पिक मार्गों की पहचान कर राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों तक भेजे जा रहे हैं। साथ ही संबंधित राजस्व निरीक्षक और अन्य कर्मचारियों के साथ कई जिला स्तरीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के लिए प्रभावित गांवों में भेजा गया है।
Uttarakhand | The Badrinath highway between Srinagar and Rudraprayag has been completely submerged in the Alaknanda River, due to which the highway has been completely blocked.
— ANI (@ANI) August 29, 2025
SSP Pauri Lokeshwar Singh told ANI that traffic has been stopped at safe places. Arrangements are… pic.twitter.com/ygKEgVcnWq
उधर, लगातार बरिश से अलकनंदा और उसकी सहायक नदियों और मंदाकिनी नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धारीदेवी और रुद्रप्रयाग के बीच अलकनंदा नदी का प्रवाह सड़क तक पहुंच गया है। रुद्रप्रयाग पुलिस के अनुसार, अलकनंदा का जलस्तर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोबगड़ से श्रीनगर गढ़वाल की ओर 800 मीटर आगे गोवा ब्रिज नामक स्थान तक पहुंच गया है और सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल वहां पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। नदियों का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर पुलिस द्वारा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को मुनादी कर सतर्क किया जा रहा है।
माँ धारी देवी तक पहुँचा अलकनंदा नदी का जलस्तर 😱
— Pyara Uttarakhand प्यारा उत्तराखंड (@PyaraUKofficial) August 29, 2025
#alaknanda #DhariDevi #Uttarakhand pic.twitter.com/S8xs7447vE
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