भारत सरकार की हिस्सेदारी कई कंपनियों में है और ये कंपनिया सरकार के खजाने में कमाई के साथ साथ तगड़ा डिविडेंड भी जमा करवाती हैं. Life Insurance Corporation of India याने एलआईसी ने भारत सरकार को डिविडेंड के रूप में 7324 करोड़ रुपए का डिविडेंड दिया है. भारत सरकार के पास एलआईसी में 96% हिस्सेदारी है और इसके पास 6,103,622,781 (610 करोड़) शेयर हैं. एलआईसी ने 12 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से निवेशकों को डिविडेंड देने का ऐलान किया था, जिसके हिसाब से सरकार को कुल 7324 करोड़ रुपए का डिविडेंड दिया गया.
Life Insurance Corporation of India के शेयर प्राइस शुक्रवार को 853.65 रुपए के लेवल पर बंद हुए. कंपनी का मार्केट कैप 5.52 लाख करोड़ रुपए है.
भारतीय जीवन बीमा निगम ने शुक्रवार को कहा कि उसने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए डिविडेंड के रूप में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को7,324.34 करोड़ रुपये का चेक सौंपा. सरकारी स्वामित्व वाली बीमा कंपनी ने एक बयान में कहा कि एलआईसी ने 26 अगस्त, 2025 को आयोजित अपनी वार्षिक आम बैठक में लाभांश को मंजूरी दी थी.
एलआईसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक आर दोरईस्वामी ने वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू और संयुक्त सचिव प्रशांत कुमार गोयल और बीमा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में वित्त मंत्री को लाभांश चेक प्रदान किया.
31 मार्च, 2025 तक एलआईसी का परिसंपत्ति आधार 56.23 लाख करोड़ रुपये था. बयान में कहा गया है कि यह भारतीय जीवन बीमा बाजार में सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है.
एलआईसी के शेयर प्राइस पिछले एक साल में गिरावट में आए हैं और इस अवधि में उनका रिटर्न 20% है. एलआईसी की डिविडेंड यील्ड 1.41% है और उसने प्रति क्वार्टर 3 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से अपने निवेशकों को डिविडेंड दिया है. इस प्रकार पिछले 12 माह में एलआईसी ने अपने निवेशकों को 12 रुपए प्रति शेयर का डिविडेंड दिया है.
कर्ज़ मुक्त एलआईसी की कमाई लगातार दमदार बनी हुई है. कंपनी ने पिछले 5 वर्षों में 77.7% CAGR की अच्छी प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है. कंपनी का इक्विटी ऑन रिटर्न (आरओई) ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है.पिछले 3 साल का आरओई 62.9% बन रहा है, जो बेहद आकर्षक है.
Life Insurance Corporation of India के शेयर प्राइस शुक्रवार को 853.65 रुपए के लेवल पर बंद हुए. कंपनी का मार्केट कैप 5.52 लाख करोड़ रुपए है.
भारतीय जीवन बीमा निगम ने शुक्रवार को कहा कि उसने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए डिविडेंड के रूप में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को7,324.34 करोड़ रुपये का चेक सौंपा. सरकारी स्वामित्व वाली बीमा कंपनी ने एक बयान में कहा कि एलआईसी ने 26 अगस्त, 2025 को आयोजित अपनी वार्षिक आम बैठक में लाभांश को मंजूरी दी थी.
एलआईसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक आर दोरईस्वामी ने वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू और संयुक्त सचिव प्रशांत कुमार गोयल और बीमा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में वित्त मंत्री को लाभांश चेक प्रदान किया.
31 मार्च, 2025 तक एलआईसी का परिसंपत्ति आधार 56.23 लाख करोड़ रुपये था. बयान में कहा गया है कि यह भारतीय जीवन बीमा बाजार में सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है.
एलआईसी के शेयर प्राइस पिछले एक साल में गिरावट में आए हैं और इस अवधि में उनका रिटर्न 20% है. एलआईसी की डिविडेंड यील्ड 1.41% है और उसने प्रति क्वार्टर 3 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से अपने निवेशकों को डिविडेंड दिया है. इस प्रकार पिछले 12 माह में एलआईसी ने अपने निवेशकों को 12 रुपए प्रति शेयर का डिविडेंड दिया है.
कर्ज़ मुक्त एलआईसी की कमाई लगातार दमदार बनी हुई है. कंपनी ने पिछले 5 वर्षों में 77.7% CAGR की अच्छी प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है. कंपनी का इक्विटी ऑन रिटर्न (आरओई) ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है.पिछले 3 साल का आरओई 62.9% बन रहा है, जो बेहद आकर्षक है.
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